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Pooja Sharma   2018-01-12

स्वामी विवेकानंद जी की वे बातें जो बना देंगी आपका भविष्य!

OnlineIndia जयंती विशेष। 12 जनवरी 1863 को भारत की धरती पर जन्में थे एक ऐसे महापुरुष जिन्होंने वैश्विक आकाश में वैदिक सूर्य बनकर, दुनिया को भारतीय संस्कृति और मूल्यों का पाठ पढ़ाया था। जी हां हम बात कर रहे हैं युग-पुरुष स्वामी विवेकानंद जी के बारे में जिनका जन्मदिन संपूर्ण भारत में हर साल युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। रामकृष्‍ण मठ, रामकृष्‍ण मिशन और वेदांत सोसाइटी की नींव रखने वाले स्वामी विवेकानंद ने साल 1893 में अमेरिका के शिकागो में हुए विश्‍व धार्मिक सम्मेलन में भारत और हिंदुत्व का प्रतिनिधित्व किया था। ज्ञात हो कि हिंदुत्व को लेकर उन्‍होंने जो व्याख्यान दुनिया के सामने रखी, उसकी वजह से ही हिन्दू धर्म को लेकर काफी आकर्षण बढ़ा। इतना ही नहीं वे औपनिवेशिक भारत में हिंदुत्व के पुन: उद्धार और राष्‍ट्रीयता की भावना जागृत करने के लिए जाने जाते हैं। उनके विचार आज के परिपेक्ष्य में उतने ही प्रभावशाली हैं जिससे निराश व्यक्ति को जीवन जीने का एक नया मकसद मिल सकता है।

 

जानिए स्वामी विवेकानंद के कुछ ऐसे अनमोल विचार, जो आपके जीवन की दशा और दिशा दोनों को बदल सकते हैं..

  • जब तक जीना, तब तक सीखना, अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है।
  • जितना बड़ा संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी।
  • पढ़ने के लिए जरूरी है एकाग्रता, एकाग्रता के लिए जरूरी है ध्यान और ध्यान से ही हम इन्द्रियों पर संयम रखकर एकाग्रता प्राप्त कर सकते हैं।
  • पवित्रता, धैर्य और उद्यम- ये तीनों गुण मैं एक साथ चाहता हूं।
  • उठो, जागो और तब तक रुको नहीं जब तक कि तुम अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते।
  • ज्ञान स्वयं में वर्तमान है, मनुष्य केवल उसका आविष्कार करता है।
  • एक समय में एक काम करो, और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमें डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ।
  • जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते तब तक आप भगवान पे विश्वास नहीं कर सकते।
  • ध्यान और ज्ञान का प्रतीक हैं भगवान शिव उनसे ही सीखें आगे बढ़ने के सबक।
  • लोग तुम्हारी स्तुति करें या निंदा, लक्ष्य तुम्हारे ऊपर कृपालु हो या न हो, तुम्हारा देहांत आज हो या युग में, तुम न्याय पथ से कभी भ्रष्ट न हो।

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